Rules for ration card – दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजधानी में ‘दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल 2026’ को लागू करते हुए सरकार ने नए राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत एक ताजा एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी की गई है, जो राशन कार्ड प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावशाली बनाने का काम करेगी।
इस नई नीति की सबसे खास बात यह है कि अब राशन कार्ड के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। पहले जहां लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा। केवल ई-डिस्ट्रिक्ट दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए किए गए ऑनलाइन पंजीकरण को ही मान्यता दी जाएगी। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आम लोगों का समय भी बचेगा।
सरकार ने इस बार करीब 8 लाख 27 हजार नई रिक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। यह एक बड़ा अवसर है उन परिवारों के लिए जो लंबे समय से राशन कार्ड के अभाव में सरकारी खाद्य सहायता से वंचित रहे हैं। इस बार सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले सभी जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह पहल उन लाखों दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर है जिन्हें सस्ते दाम पर अनाज मिल सकेगा।
आवेदन करने के लिए सबसे पहली और अनिवार्य शर्त यह है कि परिवार के मुखिया सहित घर के हर सदस्य का आधार कार्ड होना जरूरी है। बिना आधार कार्ड के आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही आवेदक के पास दिल्ली का वैध निवास प्रमाण पत्र भी होना चाहिए, जिससे यह साबित हो सके कि वह व्यक्ति वास्तव में दिल्ली का निवासी है। ये दस्तावेज पूरी सत्यापन प्रक्रिया की नींव बनेंगे।
आय संबंधी पात्रता की बात करें तो आवेदक परिवार की कुल वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह सीमा इसलिए तय की गई है ताकि केवल सच में जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ही इस योजना का लाभ उठा सकें। आय की पुष्टि के लिए कोई भी साधारण दस्तावेज नहीं चलेगा, बल्कि केवल राजस्व विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया आय प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। इससे फर्जी आवेदनों पर रोक लगाई जा सकेगी।
इस नई व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि राशन कार्ड में परिवार की मुखिया अनिवार्य रूप से एक महिला होगी। एसओपी के अनुसार, घर की सबसे बड़ी उम्र की महिला सदस्य को ही परिवार की मुखिया माना जाएगा। यह प्रावधान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय प्रयास है, जो महिलाओं को घरेलू निर्णयों में अधिक भागीदारी देगा।
पुरुष को केवल असाधारण परिस्थितियों में मुखिया बनाया जा सकता है। यह तभी संभव होगा जब परिवार में कोई भी महिला सदस्य 18 वर्ष की आयु से अधिक न हो। लेकिन जैसे ही परिवार की किसी बेटी या महिला सदस्य की आयु 18 वर्ष पूरी होगी, राशन कार्ड में स्वतः ही उसे मुखिया के रूप में दर्ज कर दिया जाएगा। यह नियम सुनिश्चित करता है कि महिला नेतृत्व को हर हाल में प्राथमिकता मिले।
आवेदन के समय बिजली का बिल देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह बिल आवेदक के निवास स्थान की पुष्टि करने का एक अहम साधन होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिस पते पर राशन कार्ड बन रहा है, आवेदक वास्तव में वहीं रहता है। बिना बिजली बिल के आवेदन को अधूरा माना जाएगा और उसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
नए राशन कार्ड की स्वीकृति के लिए तीन चरणों की कड़ी जांच प्रक्रिया बनाई गई है। पहले चरण में फूड सप्लाई ऑफिसर द्वारा आवेदक के घर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन की जाएगी। यह वेरिफिकेशन यह जांचेगी कि आवेदक द्वारा दी गई जानकारी जमीनी हकीकत से मेल खाती है या नहीं। इस चरण में किसी भी गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
दूसरे चरण में फाइल सहायक आयुक्त के पास भेजी जाएगी जहां दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। यहां सभी कागजात, आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की सत्यता को परखा जाएगा। इसके बाद अंतिम निर्णय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित ‘डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी’ द्वारा लिया जाएगा। यह कमेटी सभी आवेदनों की तुलना करते हुए सबसे अधिक जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड आवंटित करेगी।
यह तीन स्तरीय जांच प्रक्रिया इसलिए बनाई गई है ताकि राशन कार्ड वितरण में पूरी तरह पारदर्शिता बनी रहे। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति इस सुविधा का फायदा न उठा पाए। साथ ही कोई भी पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति इस लाभ से वंचित न रहे। यह प्रणाली सुशासन की दिशा में एक मजबूत और विश्वसनीय कदम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर दिल्ली सरकार की यह नई राशन कार्ड नीति गरीब और जरूरतमंद परिवारों के हित में एक सार्थक पहल है। डिजिटल प्रक्रिया, महिला नेतृत्व को प्राथमिकता, आय सीमा का निर्धारण और तीन स्तरीय सत्यापन मिलकर इस व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और प्रभावी बनाते हैं। जो परिवार इस योजना के पात्र हैं, उन्हें जल्द से जल्द ई-डिस्ट्रिक्ट दिल्ली की वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन दर्ज कराना चाहिए। सही समय पर आवेदन करने से ही इस महत्वपूर्ण सरकारी सुविधा का लाभ उठाया जा सकेगा।








